कवर्धा : खप्पर यात्रा में उमड़ा भीड़ का सैलाब, पुलिस की सतर्कता से शांति और अनुशासित माहौल में यात्रा संपन्न

कवर्धा। नवरात्र अष्टमी पर आयोजित पारंपरिक खप्पर यात्रा इस बार हर मायने में ऐतिहासिक रही। भीड़ रिकॉर्ड स्तर पर थी, चुनौतियां भी बड़ी थीं, लेकिन पूरी यात्रा शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में सम्पन्न हुई। भीड़ प्रबंधन से लेकर कानून-व्यवस्था तक हर पहलू पर पुलिस ने पूरी सतर्कता दिखाई।

पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह (भा.पु.से.) के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल और पंकज पटेल के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों की निगरानी में यात्रा को सुरक्षित ढंग से सम्पन्न कराया गया। शहर में 300 से अधिक पुलिस बल और सशस्त्र जवान तैनात रहे, वहीं 250 से ज्यादा वॉलेंटियर्स (एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड्स, रोवर-रेंजर्स, विवेकानंद अकादमी) ने भी सहयोग दिया।

यात्रा से पहले फ्लैग मार्च और लगातार पैदल गश्त ने माहौल को नियंत्रित रखा। संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए 50 से अधिक उपद्रवियों को थानों में बैठाया गया। पुलिस ने इस दौरान भीड़ में शामिल “छपरी टाइप युवकों” पर खास निगरानी रखी और समझाइश देकर माहौल बिगड़ने से रोका। भीड़ के बीच किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए 200 से अधिक हैवी कड़े और छोटे धारदार वस्तुएं भी जब्त की गईं।

इस बार भीड़ अभूतपूर्व थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को एक साथ खप्पर यात्रा में नहीं देखा। ऐसे में व्यवस्था बनाए रखना आसान नहीं था, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने कड़ाई और संवेदनशीलता का संतुलन बनाए रखा। CCTV और ड्रोन कैमरों से रियल टाइम निगरानी हुई, रैपिड रिस्पॉन्स टीमें लगातार अलर्ट रहीं और यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए यात्रा मार्ग को समय से पहले नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया।

मंदिर समितियों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस व्यवस्था की खुलकर तारीफ की। श्रद्धालुओं ने भी अनुशासन का पालन करते हुए सहयोग किया। यही वजह रही कि इतनी भारी भीड़ के बावजूद यात्रा न सिर्फ सुरक्षित रही बल्कि “अब तक की सबसे बड़ी और सबसे शांतिपूर्ण खप्पर यात्रा” साबित हुई।



